हिंदू धर्म में हरियाली तीज का त्योहार बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए मनाया जाता है। इसके साथ ही कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने के लिए इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत रखती हैं। वर्ष 2026 में हरियाली तीज की तारीख को लेकर लोगों में कुछ असमंजस की स्थिति बन रही है कि व्रत 14 अगस्त को रखा जाएगा या 15 अगस्त को। आइए जानते हैं इस लेख में इसकी तारीख और धार्मिक महत्व के बारे में सब कुछ।
हरियाली तीज 2026: महत्वपूर्ण तारीखें (Hariyali Teej 2026 Dates)
मूल सूचना और ज्योतिषीय संदर्भों के अनुसार, वर्ष 2026 में हरियाली तीज की तिथियां इस प्रकार हैं जिसे आपको नोट कर लेना चाहिए:
- हरियाली तीज संशय तिथि: 14 अगस्त 2026 या 15 अगस्त 2026
- त्योहार का वर्ष: 2026
हरियाली तीज का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज का त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के पावन प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए 107 जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। इसके बाद उनके 108वें जन्म में भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। सावन के महीने में चारों तरफ प्रकृति हरी-भरी हो जाती है, इसलिए इसे 'हरियाली तीज' कहा जाता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, हाथों में मेहंदी रचाती हैं, हरे रंग के वस्त्र धारण करती हैं और झूला झूलती हैं।
हरियाली तीज पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें। सुंदर हरे रंग के वस्त्र और श्रृंगार धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान पर मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाएं बनाएं। माता पार्वती को सुहाग की सभी सामग्री अर्पित करें और शिव जी को बेलपत्र, धतूरा, फल और फूल चढ़ाएं। अंत में हरियाली तीज व्रत कथा सुनें और आरती के साथ पूजा संपन्न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1. साल 2026 में हरियाली तीज कब है?
उत्तर: साल 2026 में हरियाली तीज का व्रत और त्योहार 14 अगस्त या 15 अगस्त को मनाया जाएगा।
प्रश्न 2. हरियाली तीज पर हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां पहनना क्यों शुभ माना जाता है?
उत्तर: सावन के महीने में प्रकृति चारों तरफ हरी-भरी हो जाती है। हरा रंग सौभाग्य, खुशहाली, प्रकृति और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस दिन महिलाएं हरे रंग का श्रृंगार करती हैं।
प्रश्न 3. हरियाली तीज का व्रत किनके लिए महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने के लिए तथा कुंवारी कन्याओं के लिए मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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