Ashadh Month 2026: कब से शुरू हो रहा है आषाढ़ का महीना? जानें महत्व, नियम और प्रमुख व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट!


हिंदू धर्म में हर महीने का अपना एक विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। ज्येष्ठ मास की समाप्ति के बाद हिंदू कैलेंडर का चौथा महीना यानी आषाढ़ मास (Ashadh Month 2026) शुरू होता है। यह महीना वर्षा ऋतु के आगमन और कई बड़े व्रत-त्योहारों के लिए जाना जाता है। इसी महीने से देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास की शुरुआत होती है, जिसके बाद सभी मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है।

आषाढ़ महीना 2026 कब से कब तक है? (Ashadh Month 2026 Dates)

हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में आषाढ़ का महीना बेहद खास होने वाला है। इस साल आषाढ़ मास की महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:

  • आषाढ़ मास प्रारंभ तिथि: 1 जून 2026, सोमवार (कृष्ण पक्ष प्रतिपदा)
  • आषाढ़ मास समाप्त तिथि: 29 जून 2026, सोमवार (आषाढ़ पूर्णिमा / गुरु पूर्णिमा)

आषाढ़ 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार (Ashadh 2026 Vrat-Tyohar List)

आषाढ़ के महीने में भगवान विष्णु, भगवान शिव और सूर्य देव की पूजा का विशेष विधान है। इस महीने में आने वाले मुख्य व्रत और त्योहारों की सूची नीचे दी गई है:

  • 11 जून 2026 (गुरुवार): योगिनी एकादशी व्रत
  • 12 जून 2026 (शुक्रवार): प्रदोष व्रत (कृष्ण)
  • 13 जून 2026 (शनिवार): मासिक शिवरात्रि
  • 14 जून 2026 (रविवार): आषाढ़ अमावस्या
  • 15 जून 2026 (सोमवार): आषाढ़ गुप्त नवरात्रि प्रारंभ
  • 16 जून 2026 (मंगलवार): जगन्नाथ रथ यात्रा उत्सव
  • 20 जून 2026 (शनिवार): स्कन्द षष्ठी
  • 25 जून 2026 (गुरुवार): देवशयनी एकादशी (चातुर्मास प्रारंभ)
  • 26 जून 2026 (शुक्रवार): प्रदोष व्रत (शुक्ल)
  • 29 जून 2026 (सोमवार): आषाढ़ पूर्णिमा, व्यास पूजा, गुरु पूर्णिमा

आषाढ़ महीने का धार्मिक महत्व और नियम

आषाढ़ मास को कामना पूर्ति और साधना का महीना माना जाता है। इस महीने में किए गए कुछ विशेष उपाय और नियम जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं:

  • सूर्य देव की उपासना: इस महीने में सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करने से मान-सम्मान और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
  • चातुर्मास की शुरुआत: आषाढ़ शुक्ल एकादशी (देवशयनी एकादशी) से भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद से विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं।
  • दान का महत्व: आषाढ़ के महीने में छाता, खड़ाऊं, जल से भरा घड़ा और मौसमी फलों का दान करना अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है।

यदि आप भी जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति चाहते हैं, तो इस पावन आषाढ़ महीने में नियमों का पालन करें और भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त करें।

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